Aug 27, 2019

पन्नों में बातें..






पन्नों में जब्त कुछ बातें.. यादें..✍

1 comment:

रेत सी जिंदगी..

  रेत सी जिंदगी.. हमें .. बड़ा वहम हो चला था कि गांठे खुल गई  भला ये कैसी सोच ? मन की गांठ और .. फितरत खुलने की ना ना ना इल्म ही नहीं रहा उन...