Feb 14, 2019

विनम्र श्रद्धांजलि (14 फरवरी2019)













अर्श पे महशर की घड़ी हैं
फ़र्द हैरान,तिफ़्ल की लड़ी हैं
 बंद करों वाइज़ शोर को
 मुनासिब फैसले की घड़ी हैं।

               पम्मी सिंह'तृप्ति'..✍

(महशर-प्रलय,फ़र्द-सूची, तालिका
वाइज़ -नसीहत ,तिफ़्ल-बच्चें)

बुलंदी के मस्त,ताब तेवर

  शतरंजी चाल चलकर ...फिर हंसे सत्त पर सवार होकर ..फिर हंसे एक होने के चाल पे,डोलकर राजा जी, सर से नख तक जाल बुनकर ..फिर हंसे। घुम घाम कर वही...